सख्ती: महाराष्ट्र में आज रात से 1 मई तक होगी लॉकडाउन जैसी पाबंदियां, जानें क्या खुला रहेगा और क्या बंद?

(Pi Bureau)

देश में कोरोना की दूसरी लहर बहुत तेज गति से फैल रही है और इसने स्वास्थ्य सिस्टम को जमीनी हकीकत सबके सामने लाकर रख दी है। देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य अगर कोई है, तो वो है महाराष्ट्र। महाराष्ट्र में हर दिन 60 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। 

सख्त पाबंदियों के बाद भी महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की चेन थमने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने 22 अप्रैल यानी आज से सख्त लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को लगाने का एलान कर दिया है, हालांकि सरकार ने इसे पूर्ण लॉकडाउन का नाम नहीं दिया है लेकिन इसमें पिछले लॉकडाउन की तरह ही पाबंदियां लगाई गई हैं। 

ये सख्त पाबंदिया आज रात आठ बजे से शुरू हो जाएंगी और एक मई सुबह सात बजे तक जारी रहेंगी। राज्य सरकार ने ब्रेक द चेन मुहिम के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की हैं। इसके मुताबिक, जरूरी और आपातकालीन स्थिति को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों और सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। 

राज्य में कार्यालयों के क्या नियम हैं?

सभी सरकारी दफ्तरों (राज्य, केंद्र या स्थानीय प्रशासन) में केवल 15 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति को ही अनुमति दी गई है। इस नियम के तहत केवल उन कार्यालयों को छूट मिली है, जो जरूरी सेवाएं मुहैया करा रहे हैं। 13 अप्रैल तक ब्रेक द चेन मुहिम के तहत सेक्शन पांच में रखे गए दफ्तरों में 15 फीसदी या ज्यादा से ज्यादा पांच कर्मचारी रह सकते हैं।

शादी समारोह की अवधि को किया कम

राज्य सरकार की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, राज्य में दो घंटे से ज्यादा कोई भी शादी समारोह नहीं किया जाएगा। यही नहीं शादी समारोह में 25 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। अगर किसी शादी में इन नियमों का उल्लंघन पाया गया तो प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। 

निजी परिवहन पर रोक

बसों को छोड़कर सभी निजी पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सिर्फ इमरजेंसी या जरूरी सेवा या वैध कारण से ही चल सकते हैं। इसमें भी 50 फीसदी से ज्यादा लोग नहीं होंगे। ये वाहन एक जिले से दूसरे जिले नहीं जाएंगे। इन नियमों का उल्लंघन करने पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। 

बस यात्रा करने पर 14 दिन का होम क्वारंटीन

निजी बसों में 50 फीसदी यात्री ही बैठ सकते हैं और कोई भी यात्री खड़े होकर यात्रा नहीं करेगा। यही नहीं एक शहर में बस ज्यादा से ज्यादा दो स्थानों पर रुकेगी। बसों से उतरने के बाद यात्रियों के हाथों पर मुहर लगाई जाएगी और कम से कम 14 दिनों का क्वारंटीन किया जाएगा। 

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