कोरोना के नए रूप को लेकर बड़ी चेतावनी, अब चेचक जितनी आसानी से बन सकता है गंभीर बीमारी का कारण !!!

(Pi Bureau)

कोरोना वायरस ने अबतक कई रूप बदले हैं। सभी रूपों में सबसे अधिक खतरनाक डेल्टा वैरिएंट है क्योंकि यह अत्यधिक संक्रामक होने के साथ ही अधिक खतरनाक भी है जो वायरस के अन्य सभी ज्ञात वेरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और चेचक की तरह आसानी से फैल सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के दस्तावेज में अप्रकाशित आंकड़ों के आधार पर दिखाया गया है कि वैक्सीन की सभी खुराकें ले चुके लोग भी बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों जितना ही डेल्टा वेरिएंट को फैला सकते हैं।

सबसे पहले भारत में डेल्टा स्वरूप की पहचान की गयी थी। सबसे पहले द वाशिंगटन पोस्ट ने इस दस्तावेज के आधार पर रिपोर्ट प्रकाशित की। सीडीसी की निदेशक डॉ. रोशेल पी वालेंस्की ने माना कि वैक्सीन ले चुके लोगों की नाक और गले में वायरस की मौजूदगी उसी तरह रहती है जैसे कि वैक्सीन नहीं लेने वालों में।

आंतरिक दस्तावेज में वायरस के इस वेरिएंट के कुछ और गंभीर लक्षणों की ओर इशारा किया गया है। दस्तावेज के अनुसार, डेल्टा वेरिएंट, ऐसे वायरस की तुलना में अधिक फैलता है जो मर्स, सार्स, इबोला, सामान्य सर्दी, मौसमी फ्लू और बड़ी माता का कारण बनता है, और यह चेचक की तरह ही संक्रामक है।

गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है डेल्टा
डेल्टा वैरिएंट का पहला मामला भारत में मिला था। इसे B.1.617.2 के रूप में जाना जाता है। यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। डेल्टा पर हुई इस स्टडी ने CDC वैज्ञानिकों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारी ने कहा कि CDC इसे लेकर चिंतित है। डेल्टा गंभीर खतरा है और इस पर एक्शन लेने की जरूरत है। CDC ने 24 जुलाई तक के आंकड़े जुटाए हैं। वैक्सीनेशन करा चुके 162 मिलियन अमेरिकियों में हर हफ्ते करीब 35 हजार सिम्प्टोमेटिक इन्फेक्शन मिले।

संक्रमण की रोकथाम के उपायों का पालन करना जरूरी
CDC डॉक्युमेंट कई अध्ययनों के डेटा पर निर्भर करता है, जिसमें प्रोविंसेटाउन, मैसाचुसेट्स में वायरस के प्रकोप का विश्लेषण शामिल है। डायरेक्टर ने कहा कि वायरस को रोकने के कुछ तरीके हैं जिन पर सभी को ध्यान देना होगा। जैसे कि मास्क पहनने की सख्त जरूरत है। स्कूल में स्टूडेंट्स, स्टाफ और विजिटर्स को भी मास्क पहनना चाहिए।

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