बीजेपी ने घोषणापत्र के अनुरुप किसानों से वायदा नहीं निभाया है : अपना दल

(Pi Bureau)

लखनऊ । अपना दल ( कृष्णा पटेल गुट) ने किसानों की ऋण माफी पर योगी सरकार द्वारा दोहरे मापदण्ड अपनाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार सिर्फ सीमान्त एवं लघु सीमान्त किसानों का ऋण माफ करने की बात कर रही जो सरासर गलत है जो बड़े किसानों पर कुठाराघात होगा।
दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रवक्ता एड0 आर0 बी0 सिंह पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के किसानों का ऋण माफ करने की बात चुनाव के दौरान कही थी, उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचण्ड बहुमत की सरकार बन गई, अब सरकार लघु सीमान्त किसानों के ऋण माफ करने की बात कर बड़े किसानों पर कुठाराघात करना चाहती है जो सरासर गलत है। बड़ें किसानों ने अपनी खेती-किसानी के विकास के लिए सरकार से लोन लिया था लगातार कई वर्शों से दैवीय आपदा के चलते बड़े पैमाने पर फसल का नुकसान हुआ और सरकार द्वारा दिया गया ऋण अदा नहीं कर सके। अगर सिर्फ लघु सीमान्त किसानों का ही ऋण माफ किया जायेगा, तो बड़े किसान बेमौत मारे जायेंगे। उनके पास सरकार का पैसा चुकाने के लिए कोई भी स्रोत नहीं है। सरकार से अनुरोध है कि बड़े किसानों को भी आत्महत्या से बचाने के लिए दोहरा मापदण्ड न अपना कर सभी किसानों का ऋण माफ करें।
पटेल ने आगे बताया कि चुनाव के दौरान बुन्देलखण्ड के बांदा जनपद में भाजपा के राश्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि अन्न प्रथा से किसानों का बड़ा नुकसान हो रहा है अगर भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश में बनती है तो अन्न प्रथा को जड़ से समाप्त कर दिया जायेगा। सरकार बन गई अभी तक इस तरफ कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इनकी मंषा साफ नहीं है जायद की मूंग उरद की फसल बोने को तैयार है, और गोदामों में नौ करोड़ का बीज भी भरा पड़ा है लेकिन अन्ना प्रथा से किसान उरद और मूंग की खेती नहीं कर पा रहा है। बुन्देलखण्ड का किसान वैसे भी अन्य किसानों से पिछड़ा हुआ है ऊपर से अन्न प्रथा। सरकार से मांग है कि किसान हित में त्वरित आदेश निर्गत कर किसानों के प्रति जबाबदेही तय करते हुए उन्हें भी विकास की श्रेणी में लायें।

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