दंगो के लिए कुख्यात मुजफ्फरनगर बना गंगा जमुनी रवायत का प्रतीक , जानिये कैसे !!!

(Pi Bureau)

 

मुजफ्फरनगर : हमेशा दंगो और हिन्दू मुस्लिम तानव को लेकर मीडिया की सुर्खियों ने रहने वाला मुजफ्फरनगर में एक ऐसी अनूठी पहल हुयी है जो इस देश की कौमी यकजहती और गंगा जमुनी परम्परा की एक नई मिसाल को गढ़ रहा है

जिले के पुरकाजी कस्बे एक मुसलमान ने सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी पहल की है । इसी कस्बे के एक मुस्लिम नौजवान सरबत अली ने अपनी श्रीबालाजी धाम मंदिर समिति को पौने दो बीघा लाखों रुपये की कीमती भूमि गौशाला निर्माण को दान कर बैनामा करा दिया है।

यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल उस वक़्त कायम हुयी है जब प्रदेश सहित पूरा देश में गौरक्षा , लव जिहाद के नाम पर

मारपीट और हिंसक कार्यवाहियों को अंजाम दिया जा रहा है ।

सरबत अली पुत्र बाबू अजमत अली ने श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति पुरकाजी के गुरू जी पं. घनश्यामदास शर्मा को गौशाला निर्माण हेतु अपनी कस्बे में नार्वे रोड पर स्थित पौने दो बीघा कीमती भूमि दान कर मंदिर के नाम बैनामा करा दिया है। इसकी घोषणा मंदिर समिति के महामंत्री डा. संदीप वर्मा ने बीती रात श्री बालाजी धाम मंदिर में आयोजित सामूहिक बैठक में कर सरबत अली की खुले मंच से प्रशंसा कर जानकारी लोगों को दी। इस मौके पर कस्बे के मलखान सैनी ने गौशाला के लिये अपनी कीमती भूमि में रास्ता दिये जाने को जमीन देने की घोषणा की गई।

मंदिर समिति के अध्यक्ष हरश्यामदास गोयल, मनीष गोयल ने बताया कि श्री बालाजी धाम मंदिर समिति ने पुरकाजी कस्बे में भव्य गौशाला व वृद्धा आश्रम निर्माण का निर्णय लिया है। जिसके लिये मुस्लिम युवक द्वारा अपनी जमीन दान में मंदिर को दे दी गई।

सांप्रदायिक सौहार्द के लिये जाने पहचाने जाने वाले पुरकाजी कस्बे के मुस्लिम युवक सरबत अली ने अपनी भूमि दान कर अन्य लोगों को भी प्रेरणा दी गई है। सरबत अली विद्युत निगम की फ्रैंचाईजी चलाते है। उनके पिता स्व बाबू अजमत अली लंबे समय तक पुरकाजी लोकदल के अध्यक्ष पद पर रहे थे और सौहार्द के हिमायती नेताओं में रहे थे।

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