राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने बेची वक्फ की जमीन- वसीम रिज़वी !!!

(Pi Bureau)

 

लखनऊ :  शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने  प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मोहसिन रजा पर वक्फ की जमीन बेचने का आरोप लगाकर एक बार फिर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है । इन आरोपों के बाबत उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वक्फ की सम्पत्ति बेचने के दस्तावेज भी दिये जा चुके हैं। यहां इन्दिरा भवन में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने पत्रकारों को बताया कि वक्फ आलिया बेगम, सफीपुर (उन्नाव) उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड में वक्फनामे के आधार पर पंजीकृत वक्फ है। बोर्ड ने इसमें मोहसिन रजा को मुतवल्ली नियुक्त कर रखा है। अध्यक्ष का आरोप है कि मोहसिन रजा व उनके भाइयों ने वक्फ की जमीन को बेच दिया। उन्होंने कहा कि इस वक्फ के संबंध में मसरूर हुसैन नकवी ने एक प्रार्थना पत्र 30 दिसम्बर, 2015 को देकर बोर्ड से शिकायत की थी। शिकायत में वक्फ के मुतवल्ली मोहसिन रजा एवं उनके भाइयों पर अपनी मां की पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर वक्फ सम्पत्ति संख्या 2424 को बेचने का आरोप लगाया गया था। बोर्ड ने इस प्रकरण में जांच कराई, तो शिकायत सही पाई गयी। शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी के अनुसार वक्फ सम्पत्ति को तीन भाग करके बेचा गया है। बेची गयी वक्फ भूमि की मौजूदा कीमत  दो करोड़ से ज्यादा है। बोर्ड ने वक्फ अधिनियम की धारा-52 के अन्तर्गत कलेक्टर उन्नाव से बेची गयी वक्फ सम्पत्ति का कब्जा लेने व धारा-52 (क) के अन्तर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोहसिन रजा अपने मंत्री पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वसीम रिजवी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर साक्ष्य सहित 71 और वक्फों की सूची सौंपी है। उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की किसी भी स्वतन्त्र जांच एजेन्सी से निष्पक्ष जांच करा लें।

 

उधर इन आरोपों को लेकर वक्फ मंत्री मोहसिन रज़ा का कहना है कि शिया वक्फ बोर्ड की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री द्वारा लिखा जा चुका है। इसी घबरहाट के चलते मेरे खिलाफ प्रेसवार्ता की गयी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष यह मामला 10 साल पुराना बता रहे हैं। वह दस साल से चुप क्यों बैठे थे। अब दो महीने से भाजपा की सरकार आयी है। अब वह क्यों बोल रहे हैं। ये सारे आरोप गलत हैं।

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