रालोद किसानो के कर्जे पर 10 % प्रतिशत रिकवरी चार्ज के विरोध में सडको पर उतरेगा – डाक्टर मसूद !!!

(Pi Bureau)

 

लखनऊ 21 जून:  राष्ट्रीय लोकदल उ0प्र0 के अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने माननीय उच्च न्यायालय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुये कहा है कि प्रदेष में गरीबों, मजदूरों एवं किसानों के हितों की रक्षा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ही सम्भव है अन्यथा शासन और प्रशासन  के लोग इनकी दुर्दशा  पर दया करने के स्थान पर प्रताड़ना देना अच्छा समझते है यही कारण है कि इन गरीबों तथा किसानों के कर्जो की वसूली के लिए 10 प्रतिशत रिकवरी चार्ज लगाते हैं। माननीय उच्च न्यायालय ने राजस्व अधिकारियों एवं तहसीलदारों को फटकार लगाते हुये उनको इस प्रकार की कार्यशैली  को निरंकुश  एवं शैतानी करार दिया है और कहा है कि संविधान के अनुसार केवल 5 रूपये और 10 रूपये शुल्क ही लिया जा सकता हैं।

डाॅ0 अहमद ने कहा कि प्रदेष की पूर्व सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया मूल्य हजारों करोड़ रूपया मिल मालिकों के पक्ष में माफ कर दिया था परन्तु माननीय उच्च न्यायालय ने उसे भी निरस्त करके किसानों को ही भुगतान करने का आदेष दिया था परन्तु न ही पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार ने उसका भुगतान किया और न ही वर्तमान सरकार ने अब तक किसानों की सुध ली। उल्टे किसानों को प्रताडि़त करते हुये 10 प्रतिषत रिकवरी चार्ज लगाकर वसूली करवा रही है जबकि चुनाव के समय कर्जमाफी का वायदा किया था। सरकार का इस प्रकार का आचरण गरीबो, मजदूरों और किसानों के साथ धोखा है और निंदनीय है।

रालोद प्रदेष अध्यक्ष ने गरीब जनता को जागरूक करते हुये कहा कि यदि सरकार और अधिकारियों की इस प्रकार उत्पीड़न की कार्यषैली को उजागर किया जाय तथा संज्ञान मे आने पर ऐसा करने वाले अधिकारियों का राष्ट्रीय लोकदल कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा घेराव किया जायगा।

 

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