“भूल सुधार कर” सदन में आये विपक्ष : संसदीय कार्य मंत्री !!!

(Pi Bureau)

 

लखनऊ। 21 जुलाई 2017 : उत्तर प्रदेश की विधान सभा में विपक्ष के लगातार बहिर्गमन को गलत ठहराते हुए सरकार की और से संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने आज कहा,  इस सदन में मौजूद सभी सदस्यों और नेता सदन सहित सबका ये मत है कि अपनी “भूल-सुधार” करते हुए विपक्ष को कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहिए।

 

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने यह बात आज विपक्ष के व्यवहार पर विधानसभा अध्यक्ष  के सामने सत्ता पक्ष की और से कही। उन्होंने कहा कि इस सत्र की दौरान प्रस्तुत सरकार की बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की कुल मिलाकर 73 सदस्यों ने चर्चा की है। इस चर्चा के उपरान्त सभी के विचारों का समावेश करते हुए नेता सदन मुख्यमंत्री ने 5 बजकर 10 मिनट से शुरूकर 6 बजकर 20 मिनट तक अपना उदबोधन प्रस्तुत किया।  नेता-सदन के उदबोधन के बाद 50 मिनट तक नेता प्रतिपक्ष एवं अन्य विपक्षी दल के सदस्यों को परम्परा के अनुसार अपना स्पष्टीकरण पूछने का अवसर दिया गया। परन्तु उन्होंने कोई स्पष्टीकरण ना पूछ कर अमर्यादित भाषा में एक किस्सा ( बेटे बाप और बाबा का ) सुनाया जो कि शालीनता एवं संसदीय परम्पराओं की बिलकुल विपरीत था।

 

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इसके बाद से पूरा विपक्ष लगातार सदन से बहिर्गमन पर है। इसकी कोई वजह भी नेता प्रतिपक्ष, नेता बसपा या नेता कांग्रेस सहित कोई भी विपक्ष का सदस्य स्पष्ट नहीं कर रहा है। फिर तो लगता है कारण मात्र एक है कि नेता सदन मुख्यमंत्री ने अपने उदबोधन में जो यूपीपीपीसीएस भर्ती में हुयी अनियमितताओं की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें भेजा भी तो इसीलिये है, कि यदि पिछली सरकारों ने कुछ भी अनैतिक किया हो तो हम उसे रोकें तथा उसकी निष्पक्ष जांच करायें। पूरे प्रदेश की ऐसे छात्र जो पूरी तैयारी होने की बावजूद अनियमितता की वजह से चयनित नहीं हुए वे इस जांच की बात से नययय पाने की आशा में हैं।

 

खन्ना ने कहा कि तीन चीजें माता पिता की जींस, जन्म की गृह नक्षत्र और माहौल इनका प्रत्येक व्यक्ति पर असर होता है। इनमें से पहली दो चीजें बदलना हमारे हाथ में नहीं है परन्तु माहौल को हम बदल सकते हैं, पिछली सरकारों ने प्रदेश में एक ऐसा खराब माहौल बना दिया है कि आज यदि किसी से क़ानून सम्मत कार्य करने की बात करो तो वह आश्चर्य से मुहं ताकता है। विपक्ष इस नए माहौल को पैदा करने वाली सरकार का सामना नहीं कर पारहा है। उनका व्यव हार पूरी तरह निराशाजनक है

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी से कतरा रहा है, विपक्षी दल प्रेस कांफ्रेंस करके अखबारों की माध्यम से अपनी बात कह रहे हैं, राज्यपाल  का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं और विद्धान सभा में हस्ताक्षर करके अपना भत्ता भी पक्का कर रहे हैं, परन्तु सदन में आने से कतरा रहे हैं। जबकि उन्हें यहां आकर जनता के हित में होने वाली चर्चाओं में भाग लेने की जिम्मेदारी मिली है ।

 

मयंकेश्वर शरण ने कही विधानसभा अध्यक्ष से व्यवस्था देने की बात

 

इससे पहले आज भाजपा के तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने विपक्षी सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर कर निरंतर भत्ता लेने की बात कहकर अध्यक्ष से इस मामले पर अपनी व्यवस्था देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य वहां हस्ताक्षर करके सत्र का भत्ता तो ले रहे हैं परन्तु सत्र का पूरी तरीके से बहिष्कार कर रहे हैं, अध्यक्ष जी को इस पर अपनी व्यवस्था देनी चाहिए। अध्यक्ष की पीठ से इस मामले पर निर्णय आरक्षित करने की बात कही गयी।

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