गोरखपुर अस्पताल हादसा : मुख्यमंत्री ने बुलाई आपातकालीन बैठक, रक्षात्मक हुई सरकार

(Pi Bureau
लखनऊ। गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में मरने वाले बच्चों की संख्या 63 हो गई है। जान गंवाने वालों में पांच नवजात भी हैं। पिछले 48 घंटों में ही 33 बच्चों की मौत हुई है। जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने शुक्रवार को 30 बच्चों की मौत होने की बात कही थी। रौतेला ने पिछले दो दिन में हुई मौतौं का ब्योरा देते हुए बताया था कि ‘नियो नेटल वार्डÓ में 17 बच्चों की मौत हुई जबकि ‘एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एईएसÓ वार्ड में पांच तथा जनरल वार्ड में आठ बच्चों की मौत हुई है। हादसे के बाद प्रदेश की योगी सरकार विपक्ष और सामाजिक संगठनों के निशाने पर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद और संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में हुई दिल दहला देने वाले हादसे के बाद शासन-प्रशासन के साथ सरकार भी बचाव की मुद्रा में है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपात बैठक बुलाई। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी गोरखपुर जा रहे हैं। वहां से आने के बाद दोनों मंत्री मुख्यमंत्री को घटना की पूरी रिपोर्ट देंगे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार लोगों को सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूपी सरकार के मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के लिए गठित की गई कमेटी आज शाम तक रिपोर्ट दे देगी।
जानकारी के मुताबिक ऑक्सीजन की आपूर्ति के करीब 69 लाख रुपये का भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी की तरफ से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। इस कारण बच्चों की मौत हुई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने ऑक्सीजन की कमी होने से इंकार किया है। प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि किसी भी बच्चे की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है। मीडिया में इसको लेकर भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं। घटना पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जो घटना हुई है बहुत ही दुखद है। परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार ने इसकी चर्चा की है कि ऐसे दोबारा घटना न हो। ऑक्सीजन की कमी हुई है तो उसकी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। यह भी सामने आ रहा है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति से निपटने के लिए विभाग ने अधिकारियों को 3 और 10 अगस्त को कमी के बारे में सूचित किया था। इस घटना पर विपक्ष ने योगी सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर पार्टी के चार वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी गोरखपुर पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने घटना के लिए राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस दुखद घटना के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा है। मुख्यमंत्री को इसके लिए माफ ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वालों को सजा मिलनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर मे ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत की ज्मिमेदार सरकार है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पीडि़त परिवारों को 20-20 लाख का मुआवजा देने की मांग की है। बसपा का कहना है कि योगी सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए और स्वास्थ मंत्री समेत हॉस्पिटल के स्टॉफ को जेल भेज देना चाहिए।

Loading...