नितीश को आंख दिखा रहे है शरद यादव, आज करेंगे शक्ति प्रदर्शन!

(Pi Bureau)

नई दिल्ली. राजनीति में किसकी दोस्ती कब तक चलेगी? कब जान के दुश्मन जिगरी दोस्त बन जाए ये भी नही कहा जा सकता है. ऐसा ही कुछ हुआ पिछले कुछ दिनों बिहार में जहाँ मोदी के विरोध की वजह से नितीश कुमार उर्फ़ सुशासन बाबू ने चारा घोटला में सजा याफता लालू यादव के साथ आये और महागठबंधन की सरकार बनाई. इसी धर्म-वीर के जोड़ी की सरकार ने आधा कार्यकाल भी नही पूरा किया था तभी सुशासन बाबू ने मोदी मय हो चुकी बीजेपी का दमन थाम कर लालू को बेवफाई के गाने सुनाने के लिए छोड़ दिया. जिसके बाद नितीश के हर फैसले को सर आँखों पर लेने वाले शरद यादव अब आँख दिखाने का फैसला लेते नजर आ रहे है.

शरद यादव ने नितीश कुमार को अपनी ताकत का अंदाज़ा दिलाने के लिए गुरुवार को सम्मलेन का आयोजन कर रहे है. यादव के इस कार्यक्रम को जेडीयू के मुखिया नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के फैसले के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. नीतीश कुमार के महागठबंधन तोड़ने और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने पर शरद यादव ने नाराजगी जताई थी. इस सम्मेलन में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है. बीजेपी के विरोधी दल कांग्रेस, लेफ्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और दूसरे दलों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है. शरद यादव के करीबी सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए कांग्रेस से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद के अलावा कई नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है. इसके अलावा सीपीएम के सीताराम येचुरी, आरजेडी के लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव समेत दूसरे लोगों को सम्मेलन के लिए न्योता भेजा गया है.

इस सम्मलेन के बारे में शरद यादव ने कहा, ‘‘विपक्ष से बमुश्किल ऐसा कोई होगा जो इसमें नहीं आएगा.’’ साझा विरासत के संविधान की आत्मा होने की बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का आयोजन देश भर में किया जाएगा.

आप को बता दें कि जदयू ने शरद यादव से इस सम्मेलन का आयोजन नहीं करने को कहा है.

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