UP सरकार की ‘दरियादिली’: किसानों के 10 से 38 रुपए के कर्ज किए माफ

(Pi Bureau) लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। सरकार की ऋणमोचन योजना के तहत हमीरपुर के लघु और सीमांत किसानों को महज 10 रुपए, 38 रुपए, 221 रुपए और 4000 रुपए के कर्जमाफी का प्रमाण पत्र सौंपा गया।

यही बाराबंकी और इटावा में भी देखने को मिला। यहां तो 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक के कर्ज मॉफ किए गए। इससे जिले के किसानों में खासा आक्रोश व्याप्त है।

हमीरपुर जिले के प्रभारी मंत्री मन्नू कोरी खुद अपने हाथों से किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र देने पहुंचे लेकिन जब कुछ किसानों को प्रमाण पत्र दिया गया तो उसे देखकर वे सन्न रह गए। शांति देवी जिन्होंने फसल बोने के नाम पर बैंक से 1 लाख रुपए कर्ज लिया था लेकिन इनको जो ऋणमाफी का प्रमाण पत्र दिया गया है, उसमें 10.36 रुपए का कर्ज माफ है।

यूनुस खान, जिसने 60 हजार रुपए बीज और खाद के लिए कर्ज लिया था, उसे जो कर्ज माफी का प्रमाणपत्र सौंपा गया, उसमें महज 38 रुपए की कर्ज़ माफी की गई है। यही हाल कई अन्य किसानों का है, जो एक लाख रुपए कर्ज माफी की आस में यहां आए थे।

बता दें यह पहला मामला नहीं है। कन्नौज में भी एक किसान को 315 रुपए का प्रमाणपत्र दिया गया, जबकि किसान का कुल कर्ज 62 हजार रुपए का था। किसान राजेश गुप्ता ने बताया कि उसके साथ भद्दा मजाक किया गया है। 62 हजार रुपए के कर्ज की जगह उसे, महज 315 रुपए कर्ज माफी का प्रमाणपत्र दिया गया।

यही नजारा बाराबंकी में भी देखने को मिला। 8 सितम्बर को 5000 किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया गया। यहां किसानों के 12 रुपए से 24 रुपए के कर्ज माफ किए गए।किसान शंभूनाथ का कहना था कि उसका 12 रुपए का लोन माफ किया गया लेकिन उसके लिए जिला तक आने और घर जाने में 200 रुपए खर्च करने पड़े।

इसी तरह इटावा में 9527 किसानों के 58 करोड़ 30 लाख का ऋण माफ करने के प्रमाणपत्र बांटे गए लेकिन यहां किसान के एक रुपए लेकर और 20 रुपए तक के ऋण माफ किए गए।

Loading...