बड़ी खबर:: कोरोना से जंग के लिए RBI ने आम आदमी को दीं ये जरूरी सुविधाएं, जानिए किसे क्या मिला !!!

(Pi Bureau)

देशभर में फैली कोरोना की दूसरी लहर के बीच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉफ्रेंस की है. भारतीय रिजर्व बैंक कोरोना की वजह से बिगड़ते हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा. फिलहाल आज आरबीआई ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं. आइए आपको 7 प्वाइंट्स में इन बड़े फैसलों के बारे में बताते हैं-

शक्तिकांत दास की स्पीच की 7 जरूरी बातें-

1. बैंक अपने बहीखाते में एक कोविड लोन बुक बनाएंगे. सामान्य तौर पर जनता के लिए ₹ 50,000 करोड़ की टैप लिक्विडिटी की भी घोषणा की है, जिसके तहत 50 हजार करोड़ रुपये 3 साल तक की अवधि के लिए रेपो रेट पर उपलब्ध होंगे. ये स्कीम अगले साल यानी 31 मार्च 2022 तक चलेगी.

2. रिजर्व बैंक ने फैसला किया है कि वह 20 मई को 35 हजार करोड़ रुपये की दूसरी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (g-sec) की खरीद G-SAP 1.0 के तहत करेगा.

3. RBI ने 31 मार्च, 2022 तक अस्पतालों, ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं, वैक्सीन आयातकों, कोविड दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 50,000 करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है.

4. व्यक्तिगत, छोटे उधारकर्ताओं के लिए RBI ने 25 करोड़ रुपये तक के एक्सपोजर के साथ SME के ​​लिए रीस्ट्रक्चरिंग रिजॉल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 की घोषणा की.

5. इसके साथ ही मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवाईसी नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं. वीडियो के जरिए KYC को मंजूरी दी गई है. आरबीआई ने एक दिसंबर 2021 तक लिमिटेड केवाईसी के उपयोग की अनुमति दी है.

6. राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी. ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाकर 50 दिन कर दी गई है. 30 सितंबर, 2021 तक राज्य सरकारों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठाने के नियमों में आसानी की गई है.

7. SLTRO के तहत छोटे वित्त बैंकों के लिए 10,000 करोड़ का आवंटन किया है. केंद्रीय बैंक ने 10,000 करोड़ रुपये तक के स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFB) के लिए लंबी अवधि के रेपो ऑपरेशन की घोषणा की है. इसका उपयोग प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए किया जाएगा.

About somali